जब जब जलता हूँ
हँसता हूँ..
हँसता हूँ
निज जल जाने पर
हँसता हूँ
खुद मर जाने पर
जब जब मरता हूँ
हँसता हूँ..
हँसता हूँ
जब ख्वाब मिटे
हँसता हूँ
जब राह छिने
जब जब खोता हूँ
हँसता हूँ..
१. कमाल है कि तुम गंध नहीं पा रहे देख रहा हूं मैं सड़ गया फ्यूचर। २. कमाल है कि मसीहा तुम्हारा अब भी सुन रहा हूं मैं उसकी गालियां भद्दी। ३...
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