Sunday, May 5, 2013

इंतज़ार

इंतज़ार 
उस  एक पल का
बंद कर दोगे तुम,
प्यार करना।

मुक्त हो जाओगे 
तुम,
बंद कर दोगे 
नफरत भी।

मसीहा

१. कमाल है कि  तुम गंध नहीं पा रहे देख रहा हूं मैं  सड़ गया फ्यूचर। २. कमाल है कि  मसीहा तुम्हारा अब भी सुन रहा हूं मैं उसकी गालियां भद्दी। ३...