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Tuesday, June 23, 2026
ज़िन्दगी और मौत
Sunday, June 21, 2026
संख्या का गणित
१.
शून्य से अनंत तक, संख्या का गणित
शून्य से पहले समय
और
अनंत के बाद, ब्रह्मांड
तक
कल्पना ले नहीं जा पाता।
और नहीं बता पाता
कल्पना में हैं हम या हममें है कल्पना।
२.
धरती जितनी कितनी धरती
तुम जैसा नहीं कोई
पर, मुझ जैसे कितने मुझमें
परे मेरे भी, कितने मुझसे
मरे हुए, मारे या ज़िंदा
कितने फ्रेम में कितना कितना
मैं अब तक हुआ, हुआ है।
३.
जलकर, गलकर, सड़कर
कोशा-कोशा हो विलुप्त जब,
न कुछ बच जीवन
जब एक आईना पाता होगा,
क्या कुछ कह पाता होगा
कुछ भी, क्या बच जाता होगा
मन में जीवन के
रहित जीवन का खुलता है क्या कोई पन्ना
मौत का क्या होता है ख़ुद-होना।
फिर क्यूँ मैं हूँ.....
कितना जानें
कितना मानें
ख़ुद को कितना पहचानें ।
कहाँ रेफ है
सेफ़ कहाँ है
बीता कितना
बचा कहाँ है
कितना कच्चा-सड़ा हुआ है
मौत मौत है
जीवन जीवन
युगल मध्य क्यूँ खड़ा हुआ है
मेरा मुझ तक पहुँच ना पाता
शैडो इतना बढ़ा हुआ है।
सौ अरब की अलग जाति के
भिन्न, एक-से जीव बने जो
एक धरा पर, एक रेख में, मरे हुए हैं
ज़िंदा हैं जो, मर जायेंगे
मरे हुए भी पड़े हुए हैं
फिर क्यूँ मैं हूँ
कब तक हूँ मैं
मेरे सीने में आकर यूँ
यह सवाल क्यूँ गड़े हुए हैं।
Tuesday, January 23, 2024
Saturday, January 1, 2022
तंत्र से जन घोंट कर बना वह ईसा है
बहुत लम्बे कान हैं,
सुनते नहीं कुछ साजिश सिवा
नुकीली लम्बी नाक है,
सूंघते हैं साजिश
आंखों से अँधा है
अंधा तो अंधा है।
नेता है गंदा है।
चाक मध्य पीसा है
जनता का कीसा है।
पर
पूज्य है, पूजनीय है
महा है, महनीय है
तंत्र से जन घोंट कर
बना वह ईसा है
अपना
मसीहा है।
Sunday, September 26, 2021
विषय- हिंदी-भाषा, पाठ-२ - विपरीत शब्द-युग्म
कक्षा - ०२, विषय- हिंदी-भाषा, पाठ-२ - विपरीत शब्द-युग्म
१. सार्थक - निरर्थक
पुरानी किताब: सार्थक क्रिया, निरर्थक प्रयास।
नई किताब: सार्थक जीत, निरर्थक विपक्ष।
२. अर्थ-अनर्थ
पुरानी किताब: झाँसना - अर्थ, वैर-अनर्थ।
नई किताब: जीत- अर्थ, हार- अनर्थ।
३. उपयोगी -अनुपयोगी
पुरानी किताब: रामधुन उपयोगी, गांधी अनुपयोगी ।
नई किताब: दंगा उपयोगी, संविधान अनुपयोगी।
ज़िन्दगी और मौत
१. समय के माप में, नाप रहे हम दूरी। समय निर्भर हमारी क्षमता पर क्षमता का विस्तार तुम तक, तुमसे दूरी क्षरण क्षमता का। २. न तरंग न पदार्थ रहे...
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१. पूछो राम कब करेगा यह कुछ काम । २. कर दे सबको रामम राम सत्य हो जाए राम का नाम उसके पहले बोलो इसको कर दे यह कुछ काम का काम । ३. इतना ...
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था, उँगलियों में दर्द पैर कुल्हाड़ी पर मारा पेट दर्द पर..... सर पर चोट दर्द का इलाज बड़ा दर्द ले किया मैंने ज़िन्दगी, तुमसे सीखा कुछ त...
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१. जेल, सबसे बड़ी ख्वाब अनसुलझे , बाँध रखा है मरने भी नहीं देते. २. मरीज़ मेरा न कहे में मेरे रोग पालता है रोज़ नए, ख्वाब द...