१.
कमाल है कि
तुम गंध नहीं पा रहे
देख रहा हूं मैं
सड़ गया फ्यूचर।
२.
कमाल है कि
मसीहा तुम्हारा अब भी
सुन रहा हूं मैं
उसकी गालियां भद्दी।
३.
कमाल है कि
जश्न जीत का जी रहे तुम
जानता हूं मैं
लौ चेहरे पर, घर जलने की।
१. कमाल है कि तुम गंध नहीं पा रहे देख रहा हूं मैं सड़ गया फ्यूचर। २. कमाल है कि मसीहा तुम्हारा अब भी सुन रहा हूं मैं उसकी गालियां भद्दी। ३...
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