Sunday, April 21, 2013

एक दिन और

१. 

एक दिन और 
पुनः एक दिन 

ज़िन्दगी खींच रहा।

एक दिन और, 
कोई तोहमत न आए तुझपर।

२. 

तुम्हे शिकायत है,
चाल चलन से मेरे।

मुझे पता है,
तुम्हे मेरी आदत नहीं।

३. 

इंतज़ार है मुझको 
तेरे लिए, या तुझको भी

बंद कर दोगे तुम 
प्यार मुझसे।

मुक्त मुझसे, मिले
तुझे धरती, आकाश तेरा। 



मसीहा

१. कमाल है कि  तुम गंध नहीं पा रहे देख रहा हूं मैं  सड़ गया फ्यूचर। २. कमाल है कि  मसीहा तुम्हारा अब भी सुन रहा हूं मैं उसकी गालियां भद्दी। ३...