१.
धरती है आग गोला,
हरियाली में छिपती।
मैं नहीं धरती जैसा .
२.
संगीत तुमको,
छेद छेद हुआ मैं।
बांसुरी बन .
३.
चुप हूँ,
सुन रहा।
जो नहीं भी मेरा .
४.
उसने सही अपनी,
तुमने सही अपनी।
सह रहा मैं किसकी .
१. कमाल है कि तुम गंध नहीं पा रहे देख रहा हूं मैं सड़ गया फ्यूचर। २. कमाल है कि मसीहा तुम्हारा अब भी सुन रहा हूं मैं उसकी गालियां भद्दी। ३...