तुम्हारे नख चीरते है गहरा
काट चुटकी खुद गाल की
नहीं नाप पाता मै
जख्म की गहराई
तुम्हारे प्रेमाभिब्यक्ति ने
सुन्न कर दिया है
मेरा सम्बेदना तंत्र.
१. कमाल है कि तुम गंध नहीं पा रहे देख रहा हूं मैं सड़ गया फ्यूचर। २. कमाल है कि मसीहा तुम्हारा अब भी सुन रहा हूं मैं उसकी गालियां भद्दी। ३...