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Monday, January 25, 2021

1.

उदासी के उदास ख्यालों संग 

ज़िन्दगी चुप गा रही होती है मौत की धीमी धुन 

और जब, व्यर्थ बीत जाने का गीत लिख रहा होता है 

मुझे 

आ जाती हो,

तुम। 


2. 

हर बार नई एक शाख पनपती है 

रोशनी फैलती है आहिस्ता 

तुम पसरती हो, मेरे होने में 

हर बार, एक अकेलापन चला आता है 

उजास ज़िन्दगी का, जम जाता है 

शैल बर्फ बेरंगा, बस हासिल। 



 

Friday, January 22, 2021

1.

सन्नाटे का संगीत 

कैनवास है ज़िन्दगी का 

बैकग्रॉउंड में रहती है 

निरंतर उदासी। 


2. 

धुंध तह धुंध,

अंधेरों की तह 

खिड़की के पास रुकी उदास रोशनी 

ठिठकी सिमटी सिकुड़ी 

खिन्न बैठी है ज़िन्दगी। 


3. 

ठण्ड में अँधेरे कमरे का कोना 

और मैं। 


बस इतनी ही कहानी। 

 

Friday, October 4, 2013

बेरंग, रंग स्थाई

१. 

एक ताल है,
उदासी की भी।
मौत भी  
एक धुन है। 

२. 

बिखर जाना,
एक कला है।
बेरंग,
रंग स्थाई। 

३. 

पहचान गहरी,
एक छलावा। 
एक विराम है,
ख़त्म हो जाना।  
 


Thursday, August 4, 2011

ज़िन्दगी डायरी कर देखें,

ज़िन्दगी
डायरी कर देखें,
उदास सारे पन्ने
कोरी पूरी

तुमसे पहले खाली 
तुम्हारे बाद 
केवल सन्नाटा. 

धुली इस बारिश   
तुम्हारे रहते लिखी 
चंद राहें.

Wednesday, June 29, 2011

शाम ढलते ढलते..

शाम ढलते ढलते 
चाँद पिघल जाता है .

हर रोज़,
कोट में अपने 
अकेला छोड़ जाता हूँ 

चाँद को,पिघल जाने को
दिल को,जल जाने को .

शाम ढलते ढलते
धरती कुछ और उदास हो जाती है . 

Friday, June 24, 2011

hamne


हमने ओढ़ी पहले पहल 
उदासी, 
बाद 
आदत में कर शुमार  
ओढ़े रहती है हमें 
उदासी .


Thursday, June 2, 2011

उदासी

१.

समय 
कुतरते
शाम
ढलते ढलते
उदासी
पा जाती है ;
मैं छिप नहीं पाता .

रात 
कटे 
टुकड़ा टुकड़ा 
मरते




Wednesday, May 18, 2011

फिर उदास खुद को पाया हमने

देर तक
पौध हिलती रही
चाँद बड़ा होकर निकला
देर तक हवाओं को
दुलराया हमने

अल्लसुबह आज नींद तोड़ी हमने
तड़के फिर  खुद को भरमाया!

उदासी
सूर्य किरणों सी
छन छन के बही !
रौशनी लायी खालीपन फिर से
फिर उदास खुद को पाया हमने

१. पूछो राम  कब करेगा  यह कुछ काम । २. कर दे सबको  रामम राम  सत्य हो जाए राम का नाम  उसके पहले बोलो इसको  कर दे यह कुछ काम का काम । ३. इतना ...