१.
एक ताल है,
उदासी की भी।
मौत भी
एक धुन है।
२.
बिखर जाना,
एक कला है।
बेरंग,
रंग स्थाई।
३.
पहचान गहरी,
एक छलावा।
एक विराम है,
ख़त्म हो जाना।
१. कमाल है कि तुम गंध नहीं पा रहे देख रहा हूं मैं सड़ गया फ्यूचर। २. कमाल है कि मसीहा तुम्हारा अब भी सुन रहा हूं मैं उसकी गालियां भद्दी। ३...
वाह... बहुत सुन्दर और गहरी कृति
ReplyDeleteभावो को खुबसूरत शब्द दिए है अपने.....
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