२-
सभी संभव, असंभव
जोड़ता हूँ
समय से!
होनी के तमाम कोने
होने का नाभिक
नहीं का भार
वजूद का हल्कापन
जोड़ता हूँ समय से!
मैं अघटित /
घटता है समय
१. कमाल है कि तुम गंध नहीं पा रहे देख रहा हूं मैं सड़ गया फ्यूचर। २. कमाल है कि मसीहा तुम्हारा अब भी सुन रहा हूं मैं उसकी गालियां भद्दी। ३...
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