Tuesday, May 31, 2011

मैं

१.

बच्चे की
हंसी सा,

गुलज़ार
सुगंध सा

काफूर हो भी,
बना रहता हूँ मैं .

२.

लब पर लिपटा 
अहसास ,

सिरहन
ख़म खयाली का

कभी अचानक ही
उमड़ पड़ता हूँ मैं .

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