मैं चाहता हूँ
लोच आ जाए,
मेरी चाल में थोड़ी
तुम
कुछ सीधा और चलने लगो.
मैं चाहता हूँ
बना रहे संकोच मेरा,
आ जाए
तुममें थोड़ी लज्जा .
१. कमाल है कि तुम गंध नहीं पा रहे देख रहा हूं मैं सड़ गया फ्यूचर। २. कमाल है कि मसीहा तुम्हारा अब भी सुन रहा हूं मैं उसकी गालियां भद्दी। ३...
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