Wednesday, September 21, 2011

इज़ाज़त तुम्हारी मांगता हूँ.

१.
बना, दो  तसवीरें,
छिपा रखा है तुमने  
एक मन में अपने ,

दूजा लगा रखा,
चहरे पर मेरे .

२.


मर,
ज़िन्दगी की तलाश कर लूं .

इज़ाज़त तुम्हारी 
मांगता हूँ. 


३.


तुम्हारा मर्द चेहरा,
मैं नहीं 


मेरे भीतर 
खुद की न खोजबीन करो  


कपडे बदल भी 
सहेज देता हूँ मैं. 







Thursday, September 8, 2011

गोल है धरती.....

१.


गोल है 
धरती, निश्चय ही .

हर राह
वहीँ ले जाती है ,
जिसके आगे कोई राह नहीं 


२.



मुश्किल है कहना 

तुम्हारी आवाज़ से
लगी ठोकर 
या 
भरम टुटा 
चलते रहने का .




३.






  1. रौशनी का पीछा,
  2. कहीं दूर तलक
  3. लाई है.. 

  4. वक़्त  पीठ पर मेरे 
  5. मुझको लिए चलता है..........   


Monday, September 5, 2011

समय का अंत नहीं,

हर सुबह,
जग कर लगता है
समय का अंत नहीं,

नस दिमाग की 
औ 
दिल सीने में  
हर सुबह, 
धडकते मिलते हैं .

Saturday, September 3, 2011

क्या बेहतर है.........

१.

क्या बेहतर है,

अपने पार्श्व 
प्यादे- सा 
रख लूँ खुद को ,
न पता हो
खुद को भी  

मैं, मरा या जिंदा.




२.


चिठ्ठियों चस्पा स्टाम्प-सा
लगा लूँ 
ठप्पा, 

इस्तेमाल न हो दुबारा


3. 


दोस्तों !

तुमने कहा और किया 
तब्दील, 
दोस्ती को प्यार में,

एक तरीका खोजो 
बदल सकें 
प्यार को दोस्ती में.







Friday, September 2, 2011

नई सुबह इजाद की हमने,

१.

यूँ नई सुबह 
इजाद की हमने,
घुप्प अँधेरे में 
जला रखा खुद को....

२.

हँसता रहता हूँ 
मैं तो
चुप रहता है 
अन्दर जो अनचीन्हा..

  

Thursday, September 1, 2011

तुम्हे याद करते ............

१.

हाथ न आया फिर भी छूटा, 
बारी बारी भीतर भीतर 
जाने कितनी बार मैं टूटा .

तुमको कोसा, खुद से रूठा 

ज़िन्दगी बहुत बेहूदा हो तुम.......

२.

तुम्हे याद करते 
काँटों का जंगल  
उगने लगता है गर्दन पर 
नाखून के पोरों से
उगते हैं कुदाल 

चीरता रहता हूँ      
मैं रूह अपनी 

याद आती है
बेतरह यूँ  भी