भूख जब बेतरह लगी
दोस्त कहतें हैं
चाँद सुन्दर हो जाता है
जब रोटी सा लगने लगे,
जब भूख नहीं होती
अक्सर रोटी को चाँद सा पाया है .
१. कमाल है कि तुम गंध नहीं पा रहे देख रहा हूं मैं सड़ गया फ्यूचर। २. कमाल है कि मसीहा तुम्हारा अब भी सुन रहा हूं मैं उसकी गालियां भद्दी। ३...
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