Wednesday, August 31, 2011

लड़कपन मुझसे नहीं छूटा...

सफ़ेद कमल 
आज बाज़ार में देखा 
लड़कपन में,
फेक देता था .

हमेशा सोचा 
रंग पाता उन्हें लाल .

लड़कपन मुझसे नहीं छूटा...       

Tuesday, August 30, 2011

ज़िन्दगी औ गम ........

रात आई भी तो 
क्या सौगात हुई ,
दिन को ख़त्म हुए 
अरसा हुआ अब तो !

ख़ुशी की उब से 
बचना चाहा,
ज़िन्दगी औ गम 
बने साथी ..........

Monday, August 15, 2011

ज़िन्दगी, तुमसे सीखा कुछ तो.......

था, उँगलियों में दर्द 
पैर  कुल्हाड़ी पर मारा 
पेट दर्द पर..... सर पर चोट
दर्द का इलाज 
बड़ा दर्द ले किया मैंने 
ज़िन्दगी, तुमसे सीखा  कुछ तो.......  

Thursday, August 4, 2011

ख्वाब अनसुलझे

१. 

जेल,
सबसे बड़ी  
ख्वाब  अनसुलझे ,

बाँध रखा है
मरने भी नहीं देते. 

२.

मरीज़ मेरा 
न कहे में 
मेरे 

रोग 
पालता  है रोज़ 
नए, 
ख्वाब देखता है, 
अनसुलझे. 


ज़िन्दगी डायरी कर देखें,

ज़िन्दगी
डायरी कर देखें,
उदास सारे पन्ने
कोरी पूरी

तुमसे पहले खाली 
तुम्हारे बाद 
केवल सन्नाटा. 

धुली इस बारिश   
तुम्हारे रहते लिखी 
चंद राहें.

Wednesday, August 3, 2011

ख़ुशी याद की मुहताज नहीं.

गम 
केवल, 
यादों का होना.

ख़ुशी 
याद की मुहताज नहीं.

ज़िन्दगी 
गुज़रती 
याद की ट्रेन तरह 


यादों का होना 
गम 
केवल .

Tuesday, August 2, 2011

मरने का फ़ायदा

मरने का 
फ़ायदा 
बड़ा सबसे,
मरना पड़ता नहीं,
फिर से.
जिंदगी - ज़हालत 
फिर फिर