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मसीहा
१. कमाल है कि तुम गंध नहीं पा रहे देख रहा हूं मैं सड़ गया फ्यूचर। २. कमाल है कि मसीहा तुम्हारा अब भी सुन रहा हूं मैं उसकी गालियां भद्दी। ३...
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तुम हो तो यंकी आता है कि धरती है अभी आसमा भी है तुम्हारे होने पर टिका है झरने का बहना कली चटकन का शोर भोर ओस...
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१. पूछो राम कब करेगा यह कुछ काम । २. कर दे सबको रामम राम सत्य हो जाए राम का नाम उसके पहले बोलो इसको कर दे यह कुछ काम का काम । ३. इतना ...
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१. सुख को कई उपमानो से ब्यक्त कर सकता हूँ दुःख को माप नहीं पाता भाष...

bas bhi karo yAR
ReplyDeleteAB KUCH MITHA SA LIKHO
ab kuchh mitha ho jaye...............delhi aao choklate khate hai..............
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