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ज़िन्दगी और मौत
१. समय के माप में, नाप रहे हम दूरी। समय निर्भर हमारी क्षमता पर क्षमता का विस्तार तुम तक, तुमसे दूरी क्षरण क्षमता का। २. न तरंग न पदार्थ रहे...
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१. पूछो राम कब करेगा यह कुछ काम । २. कर दे सबको रामम राम सत्य हो जाए राम का नाम उसके पहले बोलो इसको कर दे यह कुछ काम का काम । ३. इतना ...
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था, उँगलियों में दर्द पैर कुल्हाड़ी पर मारा पेट दर्द पर..... सर पर चोट दर्द का इलाज बड़ा दर्द ले किया मैंने ज़िन्दगी, तुमसे सीखा कुछ त...
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१. जेल, सबसे बड़ी ख्वाब अनसुलझे , बाँध रखा है मरने भी नहीं देते. २. मरीज़ मेरा न कहे में मेरे रोग पालता है रोज़ नए, ख्वाब द...
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