Sunday, June 26, 2011

क्या बचता है अचानक 
भरभरा कर गिर जाने के बाद 
क्या इतना कुछ, 
समझ में आये नहीं 
ताउम्र 
जीते हुए एक पल का कम्पन. 

क्या बचता है 
मृत्यु पश्चात 
क्या इतना कुछ,
ज़िन्दगी बाकी 
घुट घुट नापे लम्हों को.

क्या बचता है 
तुम्हारे जाने के बाद. 

2 comments:

मसीहा

१. कमाल है कि  तुम गंध नहीं पा रहे देख रहा हूं मैं  सड़ गया फ्यूचर। २. कमाल है कि  मसीहा तुम्हारा अब भी सुन रहा हूं मैं उसकी गालियां भद्दी। ३...