सफ़ेद कमल
आज बाज़ार में देखा
लड़कपन में,
फेक देता था .
हमेशा सोचा
रंग पाता उन्हें लाल .
लड़कपन मुझसे नहीं छूटा...
१. कमाल है कि तुम गंध नहीं पा रहे देख रहा हूं मैं सड़ गया फ्यूचर। २. कमाल है कि मसीहा तुम्हारा अब भी सुन रहा हूं मैं उसकी गालियां भद्दी। ३...