गम
केवल,
यादों का होना.
ख़ुशी
याद की मुहताज नहीं.
ज़िन्दगी
गुज़रती
याद की ट्रेन तरह
यादों का होना
गम
केवल .
यादों का होना
गम
केवल .
१. कमाल है कि तुम गंध नहीं पा रहे देख रहा हूं मैं सड़ गया फ्यूचर। २. कमाल है कि मसीहा तुम्हारा अब भी सुन रहा हूं मैं उसकी गालियां भद्दी। ३...
Kuchh adhuri si lagi...
ReplyDeletePar bahut khubsurat...
ख़ुशी
ReplyDeleteयाद की मुहताज नहीं.....yaadein haesha khushi lekar aayein aisa zaroori nahi..