Wednesday, August 3, 2011

ख़ुशी याद की मुहताज नहीं.

गम 
केवल, 
यादों का होना.

ख़ुशी 
याद की मुहताज नहीं.

ज़िन्दगी 
गुज़रती 
याद की ट्रेन तरह 


यादों का होना 
गम 
केवल .

2 comments:

  1. Kuchh adhuri si lagi...
    Par bahut khubsurat...

    ReplyDelete
  2. ख़ुशी
    याद की मुहताज नहीं.....yaadein haesha khushi lekar aayein aisa zaroori nahi..

    ReplyDelete

मसीहा

१. कमाल है कि  तुम गंध नहीं पा रहे देख रहा हूं मैं  सड़ गया फ्यूचर। २. कमाल है कि  मसीहा तुम्हारा अब भी सुन रहा हूं मैं उसकी गालियां भद्दी। ३...