Thursday, July 30, 2020

 बार बार दूर तक दिखता है पानी
नदी फैल गई हो
या
सागर निकल आया हो बाहर।

अंत आता सा लगता है अपना
फिर दिखने लगता है
मस्तूल एक नाव का।

क्या तुम भी हो
लपेटे एक सफेदी
यह पूछते,
मोगरे की खुश्बू फैल जाती है।

क्या पास ही हो तुम।

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