1.
मैं मसीहा हूँ
खुले आम कहा उसने
हम बन गए, उसकी भेड़ें।
2.
पता लगा, वह मदारी है
मसरूफ रहे, हम खेल में ।
3.
बचपना, हमारा।
4.
आज तक वह मसीहा है
हम उसकी भेड़ें।
१. कमाल है कि तुम गंध नहीं पा रहे देख रहा हूं मैं सड़ गया फ्यूचर। २. कमाल है कि मसीहा तुम्हारा अब भी सुन रहा हूं मैं उसकी गालियां भद्दी। ३...
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