1.
मगन हैं हम,
जयगान है।
जय है जयकारा है
सभा का वितान है।
2.
मसीहा धृतराष्ट्र,
हम, गांधारी।
नवाचार- बन्द आंख
अन्धता संचारी।
१. कमाल है कि तुम गंध नहीं पा रहे देख रहा हूं मैं सड़ गया फ्यूचर। २. कमाल है कि मसीहा तुम्हारा अब भी सुन रहा हूं मैं उसकी गालियां भद्दी। ३...
No comments:
Post a Comment