Friday, July 24, 2020

मसीहा, तुम अजेय हो

1.
मसीहा, तुम अजेय हो,
तुम ही, देव हो।
तुम कृष्ण, हम मीरा,
सब कोयला, तुम हीरा।
2.
पता तुम्हे भी है, अंधकार काल है,
देश पर घुमड़ता, आफत अकाल है।
अनवरत खेल है, इंतेज़ाम पूरा
तुम हो मदारी, हम हैं जमूरा।
3.
तेज़ है समय चक्र, अद्भुत काल है
भक्ति, चारण, रीति का, मिश्रण कमाल है।
शक्तिमान, सिद्ध तू एकमेव नायक है,
अंधकार काल के, हम सब गायक हैं।

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मसीहा

१. कमाल है कि  तुम गंध नहीं पा रहे देख रहा हूं मैं  सड़ गया फ्यूचर। २. कमाल है कि  मसीहा तुम्हारा अब भी सुन रहा हूं मैं उसकी गालियां भद्दी। ३...