Tuesday, August 30, 2011

ज़िन्दगी औ गम ........

रात आई भी तो 
क्या सौगात हुई ,
दिन को ख़त्म हुए 
अरसा हुआ अब तो !

ख़ुशी की उब से 
बचना चाहा,
ज़िन्दगी औ गम 
बने साथी ..........

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ज़िन्दगी और मौत

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