समय नहीं चक्रीय
वर्तमान;
भूत भी
चंद खंडो में कटा
रेखीय टुकड़ा है
समय
स्थगित है
कटे किनारों के मध्य
कत्ल हो गया है उम्र का
कितना जानें कितना मानें ख़ुद को कितना पहचानें । कहाँ रेफ है सेफ़ कहाँ है बीता कितना बचा कहाँ है कितना कच्चा-सड़ा हुआ है मौत मौत है ज...