Sunday, March 27, 2011

मै चाहता हु.3......

मै चाहता हूँ
चर्च न लिखे हमारी भूगोल पुस्तिका 

चर्च लिख  दे शायद 
धरती है चपटी

मै चाहता हु धरती रहे गोल हमेशा 
घूम फिर कर मिलने की गुंजाईश रहती है बाकी......

1 comment:

फिर क्यूँ मैं हूँ.....

कितना जानें  कितना मानें  ख़ुद को कितना पहचानें । कहाँ रेफ है  सेफ़ कहाँ है  बीता कितना  बचा कहाँ है  कितना कच्चा-सड़ा हुआ है  मौत मौत है  ज...