मै चाहता हूँ
मृत्यु आये न कभी
ज़िन्दगी ठहरी हुई भी
इंतज़ार करती है किसी विच्छोभ की
मृत्यु का आना इंतज़ार का कत्ल है
संभावनाओ की कल्पना
रोमांच की संभाव्यता है
मै चाहता हूँ
अंत न हो संभावनाओ का.
१. कमाल है कि तुम गंध नहीं पा रहे देख रहा हूं मैं सड़ गया फ्यूचर। २. कमाल है कि मसीहा तुम्हारा अब भी सुन रहा हूं मैं उसकी गालियां भद्दी। ३...
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