Sunday, October 11, 2009

mai tumhe chahata hu:- 3.

मै चलता रहा हूँ
मै कहता रहा हूँ

मेरे चलने से बोझिल हो गयी धरती
मेरे कहने से बासी हो गया दिन

मै चाहता हूँ रहू हल्का
मै चाहता हूँ रहू  ताज़ा

मै तुम्हे चाहता हूँ

1 comment:

  1. bahut sundar kavita
    par chahte ho kisi ko to pachhtaoge

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