Tuesday, October 20, 2009

loktantra

एक राजा था
एक रानी थी.

राजा से राजे हुए
बढ़ी वंश की बेल
बेलो पर छितरा गए
 हम जन सकल सकेल.

एक राजा था
एक रानी थी
राज पाट मनमाना था
जमी धौंश मनमानी थी

राजा बढा, बढ़ गयी रानी
भारत भर अब भरता पानी

राजा से राजे हुए
जनतंत्र लाया तेल
बांध के गठरी निज अस्मत की
हम है रहे धकेल.

बोलो भारत माता की जय
बोलो जवाहर लाल  की जय

1 comment:

  1. sarkari karmchaari hain ham.. sambhal k likhiye aur boliye

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