Thursday, March 14, 2013

ख़ुदा, बिलकुल तेरे जैसा..


१. 

ऊँचा और ऊँचा 
खुद के रहने की जगह ,
ख़ुदा,  बिलकुल तेरे जैसा। 
मैनें भी चुनी है जगह 
क़त्ल हुआ था जहां। 

२ .

समतल ही फैला
नहीं सहारा कोई चढ़ने को,
कुचला गया कदमों तले 
घास,
तुझ जैसा नरम चारा मैं।

३. 

परछाईं मेरी,
तुझ जैसा ही मैं।
महसूस नहीं ,मैं 
किसी छुअन को भी।
अपनी परछाईं भर, मैं।

Saturday, March 2, 2013

अंधकार

१.

रात कई गुज़री,
लगता है आज फिर,
नहीं सुबह कोई।
मेरा कोई अंत नहीं।

२.

अंधकार,
डराता है पहले।
डर लगता है,
उजाले से फ़िर।





Tuesday, February 26, 2013


 १. 

धरती है आग गोला,
हरियाली में छिपती।
मैं नहीं धरती जैसा . 

२. 

संगीत तुमको,
छेद छेद हुआ मैं।
बांसुरी बन . 

३. 

चुप हूँ,
सुन रहा।
जो नहीं भी मेरा .

४. 

उसने  सही अपनी,
तुमने सही अपनी।
सह रहा मैं किसकी .


Tuesday, January 15, 2013


1.

क्या आसान समंदर होना / खुद की थाह नहीं मिलती।

2.

नहीं मिलता जवाब कोई / क्या आसान सरल होना 

3.

बात ख़त्म हुई / मौन स्थाई भाव 

Saturday, January 5, 2013

2012

1.

समय नहीं बीता / मैं हुआ, समय बीता।

2.

मुर्दा मुझमे, दफ्न न हुआ सच।

3.

हंस नहीं पाया / रोया तो बस रोना आया।

4.

तुम मिले, तुम खो गए / रहे तुम, खो गया मैं।

5.

मार दिया मैंने / छू भी न गया एहसास एक।

6.

आठ रस हुए पूरे / ज़िन्दगी नहीं एकाकी।

7.


शब्द हुए निष्फल / कलप कलप चीखा  मौन।


8.

दिन बीते, अँधेरा छाया रहा हरदम।







Thursday, November 29, 2012

तुम्हारा साथ होना


1.

 तुम्हारा साथ होना,
 धुप का धीमा हो जाना है।
 हो जाना है, जंगल को सुन्दर।

2.

तुम्हारा साथ होना,
नींद का पूरा हो जाना है।
हो जाना है, पूर्ण ख़्वाबों का।

3.

तुम्हारा साथ होना है,
नीम बौर में खुशबू का आना है।
हो जाना है, रात चाँद को मनचला।       
 

Wednesday, November 28, 2012

त्रासदी भी यह अच्छी

1.

खुशकिस्मत था वह हाथ
जो रहा नहीं,
इससे पहले की, सहता विछोह।   

2.

ये इंतज़ार भी अच्छा
याद रहेगा,
ख़ुदकुशी से पहले ही ख़त्म हो गया।


3.

त्रासदी भी यह अच्छी 
खो गया मैं,
मिले हमें जब वापस तुम।

१. पूछो राम  कब करेगा  यह कुछ काम । २. कर दे सबको  रामम राम  सत्य हो जाए राम का नाम  उसके पहले बोलो इसको  कर दे यह कुछ काम का काम । ३. इतना ...