Wednesday, October 21, 2009

अकेलापन

        १.
      
बंद दराज़ से निकल
छा जाता है ,                                           
धुंधले अंधियारे सा
घेर लेता है 
अकेलापन.

२.

 स्याह 
मन का फैलाता हुआ 
चुप चाप पैठ जाता  है 
मन पर छाया
अकेलापन.
                  
३.
                             
साथ तुमको लिए चलता है 
अकेले नहीं आता
अकेलापन.

Tuesday, October 20, 2009

loktantra

एक राजा था
एक रानी थी.

राजा से राजे हुए
बढ़ी वंश की बेल
बेलो पर छितरा गए
 हम जन सकल सकेल.

एक राजा था
एक रानी थी
राज पाट मनमाना था
जमी धौंश मनमानी थी

राजा बढा, बढ़ गयी रानी
भारत भर अब भरता पानी

राजा से राजे हुए
जनतंत्र लाया तेल
बांध के गठरी निज अस्मत की
हम है रहे धकेल.

बोलो भारत माता की जय
बोलो जवाहर लाल  की जय

Wednesday, October 14, 2009

is diwali

                                                         raushani :-2.

बहुत दिनों बाद / चंद रोज पहले
देखा मैंने जुगनुओ  की कतार
जुगनुओ को देख याद नहीं रहता विज्ञान
कतार सीधी होने की नसीहत
जुगनुओ के गुच्छ भी लगते है कतार.

जुगनुओ की रौशनी में देखा मैंने गाँव
गाँव में उसी दिन मैंने  चाही दिवाली
दिवाली तक रुक नहीं पाया गाँव.
 रौशनी की सीधी कतार
[रौशनी केवल सीधी चलती है
 मै केवल सीधा चलता हु ]
संग लाया हूँ मै
 इस दिवाली याद करूँगा गाँव
इस दिवाली रौशन करूँगा खुद को.

is diwali

                                                           रौशनी:-१.

घुप्प निर्वात से
जिसे कह देते है हम अँधेरा
छन कर आती है तरंग

अंधेरो से गुजर कर आती है रौशनी

रौशनी का खुद नहीं है आधार
अँधेरा रहता है कायम.
रौशनी उजाला देती है पात्र  को
रौशनी के बिना पात्र सहता है अँधेरा
पात्र से टकरा कर
पात्र में समां कर
रौशनी बिखेर देती है उजाला.

रौशनी को चाहिए पात्र
इस दिवाली
रौशनी को देता हु मै अपना आधार.

Sunday, October 11, 2009

mai tumhe chahata hu:- 3.

मै चलता रहा हूँ
मै कहता रहा हूँ

मेरे चलने से बोझिल हो गयी धरती
मेरे कहने से बासी हो गया दिन

मै चाहता हूँ रहू हल्का
मै चाहता हूँ रहू  ताज़ा

मै तुम्हे चाहता हूँ

mai tumhe chahata hu:- 2.

तुम हरीतिमा लाती हो दूब की
तुम आद्रता लाती हो ओस की
तुम लाती हो ख्वाबो की रेल
तुम लाती हो गुनगुनी नींद

मै घास पर सो जाना चाहता हूँ
 मै ओस कणों से भीग जाना चाहता हूँ
मै नींद भरा ख्वाब चाहता हूँ
मै तुम्हे  चाहता हूँ

mai tumhe chahata hu:- 1.

तुम्हारे लिए टूट पड़ता है सागर
किनारे विलीन हो जाते है अक्सर
रेत ही रेत पर बांधता मै मंसूबे
मंसूबो  की खातिर तुम्हे चाहता हूँ

१. पूछो राम  कब करेगा  यह कुछ काम । २. कर दे सबको  रामम राम  सत्य हो जाए राम का नाम  उसके पहले बोलो इसको  कर दे यह कुछ काम का काम । ३. इतना ...