Saturday, February 6, 2021

कहीं नहीं गए हम, 

न नर्क न स्वर्ग 

कहीं नहीं गए हम, 

मर गए और खो गए। 


2.

तकरीबन न के बराबर ख़ुशी 

बिलकुल नहीं दुःख, 

न अच्छा न बुरा 

मौत में कुछ तो ख़ास नहीं। 


3.

ध्वनि, वर्णमाला से परे 

भाव, जिनका नहीं कोई चित्र 

रंग नहीं, बेरंग नहीं , न बोला न रहे चुप 

मर गए, तुमको खबर नहीं।   

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