Tuesday, April 9, 2019

उदास रात, बस तुझे याद करता हूँ।

उदास रातों को, गुदगुदाते नहीं ख्वाब
चांदनी झरती नहीं
न खिलता है हरसिंगार।
उदास रात,
बस तुझे याद करता हूँ।
उदास रातों को और उदास कर जाती हो तुम।

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