१.
वापस, लौट आया
कहीं नहीं गया फिर
रह गया जड़
न ली सांस कभी फिर।
लौट आया खुद के पास
लौट आया, तुम्हारे दर से।
२.
दूर हुआ तुमसे,
न जिया न मरा।
३.
तुम दूर हुए नहीं,
मैं पास नहीं आया
उधार ली ज़िन्दगी, वही पहने रहा।
१. कमाल है कि तुम गंध नहीं पा रहे देख रहा हूं मैं सड़ गया फ्यूचर। २. कमाल है कि मसीहा तुम्हारा अब भी सुन रहा हूं मैं उसकी गालियां भद्दी। ३...
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