१.
चुप्पी !
२.
गवाही।
३.
टूट गया सब
और आवाज़ न हुई
कोई बात नहीं
नई कोई बात नहीं हुई।
तुम चले गए
और रात हुई।
चुप्पी !
२.
गवाही।
३.
टूट गया सब
और आवाज़ न हुई
कोई बात नहीं
नई कोई बात नहीं हुई।
तुम चले गए
और रात हुई।
१. कमाल है कि तुम गंध नहीं पा रहे देख रहा हूं मैं सड़ गया फ्यूचर। २. कमाल है कि मसीहा तुम्हारा अब भी सुन रहा हूं मैं उसकी गालियां भद्दी। ३...
No comments:
Post a Comment