Thursday, July 4, 2013

ढह जाना यूँ....

१.

ढह जाना
यूँ है कि,
खंडहर  दीखे नहीं

और  मलबा
समा जाए सीने में।

२.

टूटना
इस कदर,
कंहर के रह जाएं

न टूटे, न बिखरें
ख़त्म हो, सपना देखना।





  

2 comments:

  1. ye wali samjhne mein aasaan aur bahut sadhe hue dhang se likhi hai .. yani to the point still able to create impact.

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  2. भावो को खुबसूरत शब्द दिए है अपने.....

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