Saturday, September 25, 2021

 ठहरी बात रही 

मेरी तेरी, पूर्ण है वचन उसका 

कहा अनकहा 

मसीहा स्वर है, शब्द है, भाव है 

हम ठहरे हैं, ठहरी बात पर.


2.

हमारा काम,

काम आ जाना 

मसीहा, वही काम है.


3.

राग लय विन्यास भिन्न नहीं 

मेरे तेरे 

हमारा अनुनाद, मसीहा संग. 


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मसीहा

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