ठहरी बात रही
मेरी तेरी, पूर्ण है वचन उसका
कहा अनकहा
मसीहा स्वर है, शब्द है, भाव है
हम ठहरे हैं, ठहरी बात पर.
2.
हमारा काम,
काम आ जाना
मसीहा, वही काम है.
3.
राग लय विन्यास भिन्न नहीं
मेरे तेरे
हमारा अनुनाद, मसीहा संग.
१. कमाल है कि तुम गंध नहीं पा रहे देख रहा हूं मैं सड़ गया फ्यूचर। २. कमाल है कि मसीहा तुम्हारा अब भी सुन रहा हूं मैं उसकी गालियां भद्दी। ३...
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