Sunday, January 3, 2021

१. 

बेमुरौवत निकले ख्वाब 

ख्वाब न आँखों से निकले 

रहे गए ख्वाब आँखों में 

न कोई और ठौर ठिकाना।  

२. 

वही दिन वही रात रहे। 

दिन और रात, समय सिमटा 

साल महीने हफ्ते बेमानी 

वही दिन वही रात रहे 

न बदला कुछ। 

३. 

नहीं पता, 

क्या नया साल का मतलब।  


 

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