Sunday, September 29, 2013

इंतज़ार रहता है,

१. 

छुपा रह जाता है,
ख़त्म नहीं होता 
दर्द। 

२. 

नकली है, जीने की ललक 
इंतज़ार रहता है,
मौत तेरा। 

३. 

हम भी वाकिफ हैं 
तू भी तलबगार 
मिलेंगे शान से।  

No comments:

Post a Comment

मसीहा

१. कमाल है कि  तुम गंध नहीं पा रहे देख रहा हूं मैं  सड़ गया फ्यूचर। २. कमाल है कि  मसीहा तुम्हारा अब भी सुन रहा हूं मैं उसकी गालियां भद्दी। ३...