Tuesday, August 20, 2013

इतनी, बार लिखा तुमको।

१. 

इतनी,
बार लिखा तुमको।  
कि,
बस मेरी कविता में 
जिंदा तुम। 

२. 

एक,
अंत की तलाश में हूँ मैं। 
एक अंत,
जो कर दे परिभाषित 
मेरा होना अब तक। 

३. 

तुम,
जिसे चाहिए मेरा एक कोना। 
तुमने, 
ध्यान दिया ही नहीं 
लिखा है, बस अब तक तुमको। 

1 comment:

  1. भावो का सुन्दर समायोजन......

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