Thursday, November 29, 2012

तुम्हारा साथ होना


1.

 तुम्हारा साथ होना,
 धुप का धीमा हो जाना है।
 हो जाना है, जंगल को सुन्दर।

2.

तुम्हारा साथ होना,
नींद का पूरा हो जाना है।
हो जाना है, पूर्ण ख़्वाबों का।

3.

तुम्हारा साथ होना है,
नीम बौर में खुशबू का आना है।
हो जाना है, रात चाँद को मनचला।       
 

6 comments:

  1. भावो को संजोये रचना......

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  2. प्रथम बार आपके ब्लॉग पर आगमन हुआ है और आकर अच्छा लगा काव्य की नयी शैली से साक्षात्कार हुआ | सुंदर रचना |

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  3. yun to kuch bhi nahi badla tere jane ke baad..
    bas ye zara si dhoop, ab bahut tez lagti hai..

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