Monday, October 13, 2014

मतलब कोई नहीं।

१. 

सफर में  हैं 
मैं भी तुम भी। 
अंत तो है सफर का 
मतलब कोई नहीं। 

२.

अनुराग विराग सब 
तुमसे हैं। 
कुछ नहीं पार 
ज़िन्दगी के इस तरफ या उस तरफ। 

३. 

वार करो या सहो 
युद्ध नियति है। 
हमारा होना ही है 
जंग का होना। 



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