१.
व्यर्थ,
या अन्यथा
बीत रहा मै।
२.
भरा पूरा,
ठसक ठसक
रीत रहा मैं।
३.
चलती नहीं,
ख़त्म होती ज़िन्दगी
टीस रहा मैं।
१. कमाल है कि तुम गंध नहीं पा रहे देख रहा हूं मैं सड़ गया फ्यूचर। २. कमाल है कि मसीहा तुम्हारा अब भी सुन रहा हूं मैं उसकी गालियां भद्दी। ३...
No comments:
Post a Comment