१.
व्यर्थ,
या अन्यथा
बीत रहा मै।
२.
भरा पूरा,
ठसक ठसक
रीत रहा मैं।
३.
चलती नहीं,
ख़त्म होती ज़िन्दगी
टीस रहा मैं।
कितना जानें कितना मानें ख़ुद को कितना पहचानें । कहाँ रेफ है सेफ़ कहाँ है बीता कितना बचा कहाँ है कितना कच्चा-सड़ा हुआ है मौत मौत है ज...
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