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मसीहा
१. कमाल है कि तुम गंध नहीं पा रहे देख रहा हूं मैं सड़ गया फ्यूचर। २. कमाल है कि मसीहा तुम्हारा अब भी सुन रहा हूं मैं उसकी गालियां भद्दी। ३...
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तुम हो तो यंकी आता है कि धरती है अभी आसमा भी है तुम्हारे होने पर टिका है झरने का बहना कली चटकन का शोर भोर ओस...
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१. सुख को कई उपमानो से ब्यक्त कर सकता हूँ दुःख को माप नहीं पाता भाष...
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था, उँगलियों में दर्द पैर कुल्हाड़ी पर मारा पेट दर्द पर..... सर पर चोट दर्द का इलाज बड़ा दर्द ले किया मैंने ज़िन्दगी, तुमसे सीखा कुछ त...

dar lagata hai,
ReplyDeleteujaale se fir...
behatareen rahana Rajani bhaiya.