1.
कुछ इस तरह,
बदला हो तेरा,
छोड़ दे तू
नाराज़ होना।
2.
कुछ इस तरह,
प्यार करे तू,
भूल जाये तू,
जिसे प्यार करे।
3.
कुछ इस तरह,
बंटवारा खुशियाँ का,
चहरे तक कभी,
न पहुंचे गम तेरे।
१. कमाल है कि तुम गंध नहीं पा रहे देख रहा हूं मैं सड़ गया फ्यूचर। २. कमाल है कि मसीहा तुम्हारा अब भी सुन रहा हूं मैं उसकी गालियां भद्दी। ३...
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