Sunday, March 27, 2011

मै चाहता हु 2.....

मै चाहता हूँ 
 मृत्यु  आये न कभी  

ज़िन्दगी ठहरी हुई भी 
इंतज़ार करती है किसी विच्छोभ की

मृत्यु का आना इंतज़ार का कत्ल है

संभावनाओ की कल्पना
रोमांच की संभाव्यता है

मै चाहता हूँ 
अंत न हो संभावनाओ का.

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